Film ‘Hanuman Ansh’ ka ‘Parvati’ song in dino kaafi pasand kiya ja raha hai. Is gaane ki khaas baat iske Bundeli bol hain, jinmein Mata Parvati aur Bhagwan Shiv se juda ek prasang hai. Gaane mein Mata Parvati Bhagwan Shiv se vivaah karne ki zid karti hain aur unke liye tapasya karti hain. Iske baad Saptarishi unhein samjhane ke liye pahunchte hain.

    Ve Parvati Mata ko Bhagwan Shiv ke roop, unke rahen-sahan aur unke jeevan ke baare mein batate hain. Gaane mein Bundeli ke aise kai shabd use kiye gaye hain, jinka matlab har kisi ko aasani se samajh nahi aata hai. Khaaskar ‘kay’, ‘madiya’ aur doosre desi shabd sunkar log iska sahi matlab jaanana chahte hain. Aise mein aaj hum aapko apne is lekh mein ‘Parvati’ bhajan ke har antara ka aasan Hindi mein matlab batayenge. Aaiye jaante hain-

    Parvati’ bhajan ke credits

    Film: ‘Hanuman Ansh’
    Bhajan: ‘Parvati’
    Geetkar aur gayak: Sadhu S Tiwari
    Sangeet: Sadhu S Tiwari aur Samiran Das
    Film ke nirdeshak: Dr. Vishal Chaturvedi
    Mukhya kalakar: Shobhinav Satya

    Hanuman JI

    Jab zid par ad jaati hain Parvati mein gaane ke bol aur unke Hindi matlab

    गाने के बाेल- जब जिद पे आ गई पार्वती
    पार्वती पार्वती
    समझाने पहुंचे सप्तऋषि
    सप्तऋषि सप्तऋषि

    हिंदी मतलब- जब माता पार्वती भगवान शिव से विवाह करने की जिद करने लगती हैं, तो उन्हें समझाने के लिए सप्तऋषि उनके पास पहुंचे।

    गाने के बाेल- काय जिद कर रही
    काय को मर रही
    काय जिद कर रही
    काय को मर रही
    ऐसे वर के लाने

    हिंदी मतलब- सप्तऋषि पार्वती माता से पूछते हैं कि तुम ऐसी जिद क्यों कर रही हो और ऐसे वर को पाने के लिए खुद को इतना कष्ट क्यों दे रही हो? यहां ‘काय’ का मतलब ‘क्यों’ है।

    गाने के बाेल- काय जिद कर रही
    काय को मर रही
    ऐसे वर के लाने

    हिंदी मतलब- तुम ऐसे वर को पाने के लिए इतनी जिद क्यों कर रही हो और खुद को इतना कष्ट क्यों दे रही हो?

    गाने के बाेल- जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    इतने सीधे-सादे हैं
    सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

    हिंदी मतलब- सप्तऋषि कहते हैं कि जिनके सिर पर गंगा है और गले में सांप रहता है, ऐसे शिव को लोग भोलेनाथ कहते हैं। वे पार्वती को शिव के इसी अलग रूप के बारे में समझा रहे हैं।

    गाने के बाेल- जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    इतने सीधे-सादे हैं
    सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

    हिंदी मतलब- जिनके सिर पर गंगा और गले में सांप है, उनके रूप और रहन-सहन को देखकर सप्तऋषि पार्वती को समझाते हैं। फिर कहते हैं कि लोग उन्हें भोलेनाथ कहते हैं।

    गाने के बाेल- ना खपरा ना छपरा
    ना फूस की धरे मड़इया
    का खावे को धरो वहां
    बस रोवत रहत लड़इया

    हिंदी मतलब- सप्तऋषि फ‍िर माता पार्वती से कहते हैं कि शिव के पास रहने के लिए न पक्की छत है, न फूस की झोपड़ी। वहां खाने-पीने का भी कोई खास इंतजाम नहीं है। उनका जीवन सुख-सुविधाओं वाला नहीं है। यहां ‘मड़इया’ का मतलब झोपड़ी या छोटा घर है।

    गाने के बाेल- ना खपरा ना छपरा
    ना फूस की धरे मड़इया
    का खावे को धरो वहां
    बस रोवत रहत लड़इया

    हिंदी मतलब- भगवान शिव के पास घर और आराम की चीजें नहीं हैं। सप्तऋषि पार्वती को यही बात बताकर समझा रहे हैं कि उनका जीवन आम गृहस्थ जैसा नहीं है।

    गाने के बाेल- भेष धरे अवधूत फिरे
    अब तुमसे का कहे बिन्नू
    डोरा डांगर ले घूमें
    वे इनके कछुए नइयां
    वे इनके कछुए नइयां

    हिंदी मतलब- शिव साधु जैसा भेष बनाकर घूमते हैं। सप्तऋषि माता पार्वती से कहते हैं कि उनके बारे में और क्या बताएं, उनका जीवन भी आम लोगों जैसा नहीं है।

    गाने के बाेल- काय जिद कर रही
    काय तप कर रही
    काय जिद कर रही
    काय को मर रही
    ऐसे वर के लाने
    हां ऐसे वर के लाने

    हिंदी मतलब- सप्तऋषि फिर माता पार्वती से कहते हैं कि तुम ऐसे वर के लिए जिद और तपस्या क्यों कर रही हो? ऐसे व्यक्ति को पाने के लिए खुद को इतना कष्ट देने की क्या जरूरत है?

    गाने के बाेल- जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    इतने सीधे-सादे हैं
    सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

    हिंदी मतलब- सप्तऋषि फिर भगवान शिव के रूप की बात करते हैं। उनके सिर पर गंगा और गले में सांप है। इसके बावजूद उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है।

    गाने के बाेल- जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    इतने सीधे-सादे हैं
    सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

    हिंदी मतलब- शिव के अलग रूप का जिक्र करते हुए सप्तऋषि पार्वती को समझाते हैं कि उनका रहन-सहन सामान्य लोगों से बिल्कुल अलग है। वो बहुत ही सीधे और शांत स्‍वभाव वाले हैं। इसील‍िए उन्‍हें सब भोलेनाथ कहते हैं।

    गाने के बाेल- शंभु.. शिव शंभु, भोलेनाथ

    हिंदी मतलब- इन शब्दों में भगवान शिव का नाम लिया गया है और उनकी स्तुति की गई है।

    गाने के बाेल- जटा लटा न कबहुं संवारे
    दीसत महा भयंकर
    मूड़ पे आधो चंदा और
    बेला पे घूमे शंकर

    हिंदी मतलब- फ‍िर सप्‍तऋष‍ि माता पार्वती से कहते हैं क‍ि शिव अपनी जटाओं को कभी नहीं संवारते और उनका रूप बहुत भयंकर दिखाई देता है। उनके सिर पर आधा चांद है और वे अपने अलग अंदाज में घूमते रहते हैं।

    गाने के बाेल- जटा लटा न कबहुं संवारे
    दीसत महा भयंकर
    मूड़ पे आधो चंदा और
    बेला पे घूमे शंकर

    हिंदी मतलब- इस हिस्से में भगवान शिव के रूप का वर्णन किया गया है। उनकी बिखरी जटाएं, सिर पर आधा चांद और उनका अलग रूप सप्तऋषि पार्वती के सामने बताते हैं।

    गाने के बाेल- राम नाम के रसिया हैं वे
    और उन्हें क्या चाहने
    कामदेव के मर्दनहारी
    घर-गृहस्थी क्या जाने
    वे घर-गृहस्थी क्या जाने

    हिंदी मतलब- शिव राम नाम में डूबे रहते हैं और उन्हें सांसारिक चीजों की चाह नहीं है। वे कामदेव को हराने वाले हैं। ऐसे में सप्तऋषि कहते हैं कि उन्हें घर-गृहस्थी के बारे में क्या ही पता होगा।

    गाने के बाेल- काय जिद कर रही
    काय को मर रही
    अरे काय जिद कर रही
    काय तप कर रही
    ऐसे वर के लाने
    तेन्नू ऐसे वर के लाने

    हिंदी मतलब- सप्तऋषि फिर पार्वती को समझाते हैं कि ऐसे वर को पाने के लिए तुम इतनी जिद और तपस्या क्यों कर रही हो? वे उन्हें शिव से विवाह करने की इच्छा छोड़ने के लिए समझा रहे हैं।

    गाने के बाेल- जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    जाके सीस पे गंगा और गले में
    डाले फिर रहे सांप
    इतने सीधे-सादे हैं
    सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

    हिंदी मतलब- जिनके सिर पर गंगा और गले में सांप है, ऐसे शिव को लोग भोलेनाथ कहते हैं। सप्तऋषि इसी तरह शिव के रूप और उनके जीवन का जिक्र करते हुए पार्वती को समझाते हैं।

    गाने के बाेल- भोले बम भोले
    भोले बम भोले
    भोले बम भोले
    जय जय शिवशंभु

    हिंदी मतलब- इस अंतरे में भगवान शिव का नाम लेकर उनकी जय-जयकार की गई है।

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